भारत की झीलें - भारतीय भूगोल UPSC Notes | EduRev

भूगोल (Geography) for UPSC Prelims in Hindi

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भारत की झीलें

  • देश की अधिकांश झील  (LAKES) उत्तर के पर्वतीय प्रदेश में ही सीमित हैं। समुद्र तटीय क्षेत्रों में भी कुछ महत्त्वपूर्ण झील स्थित है । मैदानी भाग में इनकी कमी है। 
  • देश में मिलने वाली विभिन्न प्रकार की झील निम्नलिखित है - 
  • विवर्तनिक झील - कश्मीर की वूलर झील तथा कुमायूँ हिमालय में स्थित अनेक झील ।
  • ज्वालामुखी क्रिया से निर्मित झीलें - महाराष्ट्र के बुलढ़ाना जिले की लोनार झील।
  • लैगून या अनूप झील - चिल्का झील (उड़ीसा), पुलीकट झील (तमिलनाडु), कोले: झील (आन्ध्र प्रदेश)।
  • हिमानी द्वारा निर्मित झील - कुमायूँ हिमालय की अधिकांश झीलें इसी प्रकार की है । इनके उदाहरण है - राकसताल, नैनीताल, सातलाम, भीमताल, नौकुछियाताल, खुरपाताल, समताल, पूनाताल, मालवाताल आदि।
  • वायु द्वारा निर्मित झीलें -डल झील, मानसबल, शेषनाग, अनन्तनाग, गन्धारबल, अच्छाबल, बैरीनाग तथा नागिन झील (जम्मू-कश्मीर), उदयसागर, पिछौला, फतेहसागर, जयसमन्द, राजसमन्द (राजस्थान), लोकटक (मणिपुर), बेम्बानाड (केरल), हुसैनसागर (आन्ध्रप्रदेश) आदि।

 

                    स्मरणीय तथ्य
                      उद्योग

  1907    -    भारत का पहला आधुनिक इस्पात संयंत्रा - टाटा लौह एवं इस्पात कारखाना, स्वर्गीय जे.एन. टाटा ने जमशेदपुर में स्थापित किया।
     1947    -    निजी उद्यम के : प में मध्य प्रदेश के नेपानगर में नेशनल न्यूजप्रिंट एंड पेपर मिल्स लिमिटेड खोला गया। 1948 मेें मध्य प्रदेश सरकार द्वारा इसका अधिग्रहण कर लिया गया।
     1947    -    भारतीय मानक संस्थान की स्थापना।
     1948    -    संसद में पहला औद्योगिक नीति प्रस्ताव पारित किया गया। (अप्रैल)
     1948    -    भारतीय औद्योगिक वित्त निगम की स्थापना। (जुलाई)
     1952    -    केंद्र सरकार द्वारा शुल्क आयोग की नियुक्ति। (जनवरी)
     1952    -    सिंधिया स्टीम नेवीगेशन कंपनी से सरकार ने विशाखापत्तनम शिपयार्ड का अधिग्रहण किया। (मार्च)
     1952    -    अखिल भारतीय हस्तशिल्प बोर्ड का गठन। (नवंबर)
     1953    -    अखिल भारतीय खादी और ग्रामोद्योग बोर्ड का गठन। (फरवरी)
     1954    -    राष्ट्रीय औद्योगिक विकास निगम की स्थापना
     1955    -    इंडस्ट्रियल क्रेडिट एंड इनवेस्टमेंट कार्पोरेशन आॅफ इंडिया (आई.सी.आई.सी.आई.) की स्थापना। (जनवरी)
     1955    -    राष्ट्रीय कोयला विकास निगम लिमिटेड की स्थापना।
     1956.61 -    राउरकेला, भिलाई और दुर्गापुर में सार्वजनिक क्षेत्रा के तीन लौह एवं इस्पात संयंत्रों की स्थापना।
     1958    -    राष्ट्रीय खनिज विकास निगम लिमिटेड की स्थापना। (नवंबर)
     1961    -    इंडियन ड्रग्स एंड फार्मास्टियुटिकल लिमिटेड की स्थापना।
     1964    -    भारतीय यूनिट ट्रस्ट (यू.टी.आई.) अधिनियम 1963 में लागू हुआ। (फरवरी)
     1964    -    भारतीय औद्योगिक विकास बैंक (आई.डी.बी.आई.) की स्थापना। (जुलाई)
     1970    -    एकाधिकार और प्रतिबंध व्यापार आयोग (एम.आर.टी.पी.) की नियुक्ति।
                -    औद्योगिक लागत एवं मूल्य ब्यूरो की स्थापना।
     1980    -    केंद्रीय लुगदी और कागज अनुसंधान संस्थान की स्थापना।
     1996    -    विनिवेश आयोग का गठन। (अगस्त)
                 -    विदेशी पूंजी निवेश प्रोत्साहन बोर्ड का पुनर्गठन।
     1997    -    शुल्क आयोग का गठन (सिंतबर)।


 

भारत के प्रमुख भूकम्प

  • 11अक्टूबर, 1787 - कृकलकत्ता, तीन लाख से अधिक लोग मरे।
  • 1सितम्बर, 1803 - कृमथुरा, इसका प्रभाव गढ़वाल, कुमायूॅ, शिमला तथा कलकत्ता तक देखा गया।
  • 16 जून, 1819 - कृकच्छ (गुजरात), इसमें लगभग 2ए000 व्यक्ति मरे तथा भुजनगर नष्ट हो गया।
  • 16 जून, 1928 - कृकश्मीर, इसमें लगभग 1000 व्यक्ति मरे।
  • 26 अगस्त, 1833 - कृबिहार, इसका प्रभाव काठमाण्डू तक रहा।
  • 19 फरवरी, 1842 - कृजलालाबाद नगर (अब पाकिस्तान में), इसका प्रभाव दिल्ली से काबुल तक हुआ।
  • 1 अप्रैल, 1843 - कृदकन, इसका प्रभाव कुर्नूल, शोलापुुर, बेलगाँव तथा बेलारी नगरों तक हुआ।
  • 10 फरवरी, 1869 - कृअसम, इसमें कछार जिला सर्वाधिक प्रभावित हुआ।
  • 12 जनवरी, 1885 - कृशिलांग, शिलांग क्षेत्र सर्वाधिक प्रभावित हुआ।
  • 30 मई, 1885 - कृकश्मीर, इसमें लगभग 30 हजार लोग मरे।
  • 14 जुलाई, 1885 - कृबंगाल, इसका प्रभाव नागपुर तक था।
  • 12 जून, 1887 - कृअसम, इसमें 1ए500 व्यक्ति मरे।
  • 15 जून, 1890 - कृकच्छ, इसमें लगभग 1ए500 व्यक्ति मरे।
  • 4 अप्रैल, 1905 - कृकांगड़ा, इसका प्रभाव हिमाचल प्रदेश, पंजाब में अधिक रहा। 20 हजार व्यक्ति मरे।
  • 8 जुलाई, 1918 - कृअसम, इसका प्रभाव अराकान तट तथा मद्रास तक था।
  • 3 जुलाई, 1930 - कृदुबरी (असम), इसमें कुचबिहार, लाल मुनीरहट तथा रंगपुर प्रभावित हुए। दुबरी नगर नष्ट हो गया था।
  • 15 जनवरी, 1934 - कृबिहार, इसमें लगभग 10ए700 व्यक्ति मरे।
  • 15 जुलाई, 1934 - कृबिहार, इसका प्रभाव मोतिहारी, दरभंगा, पटना तथा काठमाण्डू तक था।
  • 21 मई, 1935 - कृक्वेटा (अब पाकिस्तान में), इसमें लगभग 30ए000 लोगों की जानें गईं। 
  • 26 जून, 1941 - कृअण्डमान
  • 15 अगस्त, 1950 - कृअसम, इसमें लगभग 1530 व्यक्ति मरे।
  • 18 मई, 1955कृनिकोबार
  • 11 दिसम्बर, 1967 - कृकोयना, इसमें लगभग 200 व्यक्ति मरे तथा हजारों घायल हुए।
  • 19 जनवरी, 1975 - कृहिमाचल प्रदेश
  • 20 अगस्त, 1988 - कृबिहार, इसमें बिहार तथा नेपाल के लगभग 1000 व्यक्ति मरे।
  • 20 अक्टूबर, 1991 - कृउत्तरकाशी, गढ़वाल, इसमें लगभग 2ए000 व्यक्ति मरे तथा 400 गाँव प्रभावित हुए।
  • 30 सितम्बर, 1993 - कृमराठवाड़ा, इसमें लगभग 35 हजार व्यक्ति मरे तथा हजारों लोग घायल हुए।
  • 22 मई, 1997 - कृजबलपुर, इसमें लगभग 100 व्यक्ति मरे।
  • 28 मार्च, 1999 - कृगढ़वाल क्षेत्र, इसमें लगभग 1000 व्यक्ति मरे।
  • 26 जनवरी, 2001 -  दृ गुजरात में भूकंप से तबाही।

 

स्मरणीय तथ्य
 ग्रामीण विकास

 1952    :     सामुदायिक विकास कार्यक्रम की शुरुआत। (अक्टूबर)
 1969    :     ग्रामीण विद्युतीकरण निगम की स्थापना।
 1977    :     काम के लिए भोजन कार्यक्रम की शुरुआत। (अप्रैल)
 1977.98    :     मरुस्थल विकास कार्यक्रम की शुरुआत। (अप्रैल)
 1978.79    :     समन्वित ग्रामीण विकास कार्यक्रम की शुरुआत।
 1984    :     एनआरईपी और आरएलईजीपी का विलय करके जवाहर रोजगार योजना के नाम से एकमात्रा ग्रामीण रोजगार कार्यक्रम बनाया गया। (अप्रैल)
 1985.86    :     इंदिरा आवास योजना की शुरुआत।

 

देश के प्रमुख जलप्रपात

  •  देश में जलप्रपातों (Waterfalls)  की संख्या नगण्य है। सभी जलप्रपात छोटे है । अधिकांश दक्षिण भारत में ही पाये जाते हैं। 
  • देश के प्रमुख जलप्रपात निम्नवत है - 
  • जोग अथवा गरसोप्पा अथवा महात्मा गाँधी जलप्रपात, शरवती नदी पर (ऊंचाई 255 मी.)। 
  • इस जलप्रपात के निर्माण में राजा, राकेट, रोरर तथा दाम ब्लाचे नामक चार जलप्रपात का योगदान है।
  • शिवसमुद्रम जलप्रपात, कावेरी नदी पर (ऊंचाई 90 मी.)।
  • गोकक प्रपात, कृष्णा नदी की सहायक गोकक नदी पर (उंचाई 55 मी.)।
  • येना जलप्रपात, महाबलेश्वर के समीप (ऊंचाई 183मी.)।
  • पायकारा जलप्रपात, नीलगिरि के पर्वतीय क्षेत्रा में।
  • धुआँधार जलप्रपात, नर्मदा नदी पर (ऊंचाई 10 मी.)।
  • बिहार जलप्रपात, टोंस नदी पर (ऊंचाई 100 मी.)।
  • चूलिया जलप्रपात, चम्बल नदी पर (कोटा के समीप, ऊंचाई 18 मी.)।
  • मधार जलप्रपात, चम्बल नदी पर (ऊंचाई 12 मी.)।
  • पुनासा जलप्रपात, चम्बल नदी पर (ऊंचाई 12 मी)।

देश की प्रमुख फसलें
फसल             प्रमुख उत्पादक राज्य
 गेहूँ                   उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा
 चावल               पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु
 चना                  मध्य प्रदेश, राजस्थान, उत्तर प्रदेश
 जौ                    महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, राजस्थान
 बाजारा               महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान
 गन्ना                उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र
 पोस्ता               उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, पंजाब
 नारियल            केरल, तमिलनाडु
 मूंगफली            आन्ध्र प्रदेश, गुजरात, तमिलनाडु
 अलसी (Linseed)   मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश
 सरसोüएवं तोरी        राजस्थान, उत्तर प्रदेश
 तिल (Sesame)       उत्तर प्रदेश, राजस्थान
 कुसुम(Safflower)    महाराष्ट्र, कर्नाटक
 कपास                     महाराष्ट्र, गुजरात
 जूट                        पश्चिम बंगाल, बिहार
 मेस्ता(Hemp)         मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश
 रेशम                      कर्नाटक, केरल
 चाय                       असम, केरल
 तम्बाकू                  गुजरात, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश
 कहवा                     कर्नाटक, केरल
 रबर                       केरल, कर्नाटक
 काली मिर्च              केरल, कर्नाटक
 अदरक                 केरल, उत्तर प्रदेश
 हल्दी                   आन्ध्र प्रदेश, उड़ीसा
 इलायची              कर्नाटक, केरल, सिक्किम, तमिलनाडु
 लौंग                   केरल
 रागी                  कर्नाटक, तमिलनाडु, जम्मू कश्मीर
 मिर्च                  महाराष्ट्र, आन्ध्र प्रदेश
 केशर                 जम्मू-कश्मीर
 अरण्डी के बीच    गुजरात, आन्ध्र प्रदेश
 काजू                 केरल, आन्ध्र प्रदेश

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