सिन्धु निवासी - सिन्धु घाटी की सभ्यता, इतिहास, यूपीएससी, आईएएस UPSC Notes | EduRev

इतिहास (History) for UPSC (Civil Services) Prelims in Hindi

UPSC : सिन्धु निवासी - सिन्धु घाटी की सभ्यता, इतिहास, यूपीएससी, आईएएस UPSC Notes | EduRev

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काल क्रम संबंधी मत 

  • मार्शल के अनुसार, मोहनजोदड़ो के निवासी 3250 ईसा पूर्व से थे। 2750 ई. पू. के बीच वहां निवास करते थे।
  • मैके के अनुसार मोहनजोदड़ो का निम्नतम स्तर लगभग 2800 ई. पू. का और उच्चतम स्तर लगभग 2500 ई. पू. का है।
  • डी. पी. अग्रवाल C-14 परीक्षण के आधार पर सिंधु सभ्यता का काल निर्धारण 2300-1750 ई. पू. किया है।
  • ह्वीलर का मत है कि इस सभ्यता का काल 2500- 1700 ई. पू. था।
  • डॉल्स के अनुसार यह काल 2900-1900 ई. पू. है।
  • एम. एस. वत्स  ने इसका काल 3500-2500 ई. पू. माना है। 

सिन्धु निवासी 

  • कुछ लेखकों ने सिन्धु सभ्यता के लोगों को द्रविड़ जाति का बताया है।
  • कुछ विद्वान हड़प्पा संस्कृति का प्रेरक मेसोपोटामिया की संस्कृति को मानते है। इस पक्ष में व्हीलर का तर्क भी है।
  • कुछ विद्वान सिन्धु सभ्यता का मूल ईरानी-बलूच संस्कृति को मानते है। यह तर्क दिया जाता है कि हड़प्पा सभ्यता बलूच संस्कृतियों के भारतीयकरण के परिणाम स्वरूप हुए विकास का चरमोत्कर्ष है।

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  • जैसे-जैसे नये साक्ष्य उपलब्ध होते जा रहे है, इतिहासकार सिन्धु सभ्यता के मूल को भारत में ही होने के विषय में गहराई से सोचने लगे हैं।
  • मैके का विश्वास है कि सिन्धु सभ्यता कुछ हद तक सुमेर संस्कृति से संबंधित था।
  • वे चार अलग-अलग प्रकार के मानव जातियों में बंटे थे - प्रोटो-आस्ट्रेलायड, मेडीटेरेनियन, अल्पाइन और मंगोलियाई।

नगरीय योजना और विन्यास

  • हड़प्पा सभ्यता की नगर योजना प्रणाली के लिये जानी जाती है।
  • मोहनजोदड़ो और हड़प्पा के नगरों में अपने- अपने दुर्ग थे जो नगर से कुछ ऊँचाई पर स्थित होते थे जिसमें अनुमानतः उच्च वर्ग के लोग निवास करते थे।
  • दुर्ग से नीचे सामान्यतः ईंटों से निर्मित नगर होते थे,जिनमें सामान्य लोग निवास करते थे।
  • हड़प्पा सभ्यता की एक ध्यान देने योग्य बात यह भी है कि इस सभ्यता में ग्रिड प्रणाली मौजूद थी जिसके अंतर्गत सडकें एक दूसरे को समकोण पर काटती थीं।
  • अन्न भंडारों का निर्माण हड़प्पा सभ्यता के नगरों की प्रमुख विशेषता थी।
  • जली हुई ईंटों का प्रयोग हड़प्पा सभ्यता की एक प्रमुख विशेषता थी क्योंकि समकालीन मिस्र में मकानों के निर्माण के लिये शुष्क ईंटों का प्रयोग होता था।
  • हड़प्पा सभ्यता में जल निकासी प्रणाली बहुत प्रभावी थी।
  • हर छोटे और बड़े घर के अंदर स्वयं का स्नानघर और आँगन होता था।
  • कालीबंगा के बहुत से घरों में कुओं नही पाए जाते थे।
  • कुछ स्थान जैसे लोथल और धोलावीरा में पूर्ण विन्यास मजबूत और नगर दीवारों द्वारा भागों में विभाजित थे।

कृषि

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  • हड़प्पा गांव मुख्यतः प्लावन मैदानों के पास स्थित थे,जो पर्याप्त मात्रा में अनाज का उत्पादन करते थे।
  • गेहूँ, जौ, सरसों, तिल, मसूर आदि का उत्पादन किया गया। गुजरात में कुछ स्थानों से बाजरा उत्पादन के भी संकेत मिले हैं, जबकि चावल के उपयोग के संकेत तुलनात्मक रूप से यहां बहुत कम हैं।
  • सिंधु सभ्यता के मनुष्यों ने सर्वप्रथम कपास की खेती प्रारंभ की थी।
  • वास्तविक कृषि परंपराओं को पुनर्निर्मित करना कठिन होता है क्योंकि कृषि की प्रधानता का मापन इसके अनाज उत्पादन क्षमता के आधार पर किया जाता है।
  • मुहरों और टेराकोटा की मूर्तियों पर सांड के चित्र मिले हैं तथा पुरातात्विक खुदाई से बैलों से जुते हुए खेत के साक्ष्य मिले हैं।
  • हड़प्पा सभ्यता के अधिकतम स्थान अर्ध शुष्क क्षेत्रों में मिले हैं,जहाँ खेती के लिये सिंचाई की आवश्यकता होती है।
  • नहरों के अवशेष हड़प्पा स्थल शोर्तुगई अफगानिस्तान में पाए गए हैं ,लेकिन पंजाब और सिंध में नहरों के अवशेष नहीं मिले हैं ।
  • हड़प्पाई लोग कृषि के साथ -साथ बड़े पैमाने पर पशुपालन भी करते थे ।
  • घोड़े के साक्ष्य सूक्ष्म रूप में मोहनजोदड़ो और लोथल की एक संशययुक्त टेराकोटा की मूर्ति से मिले हैं।हड़प्पाई संस्कृति किसी भी स्थिति में अश्व केंद्रित नहीं थी।

अर्थव्यवस्था

  • अनगिनत संख्या में मिली मुहरें ,एक समान लिपि,वजन और मापन की विधियों से सिंधु घाटी सभ्यता के लोगों के जीवन में व्यापार के महत्त्व के बारे में पता चलता है।

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  • हड़प्पाई लोग पत्थर ,धातुओं, सीप या शंख का व्यापार  करते थे।
  • धातु मुद्रा का प्रयोग नहीं होता था। व्यापार की वस्तु विनिमय प्रणाली मौजूद थी।
  • अरब सागर के तट पर उनके पास कुशल नौवहन प्रणाली भी मौजूद थी।
  • उन्होंने उत्तरी अफगानिस्तान में अपनी व्यापारिक बस्तियाँ स्थापित की थीं जहाँ से प्रमाणिक रूप से मध्य एशिया से सुगम व्यापार होता था।
  • दजला -फरात नदियों की भूमि वाले क्षेत्र से हड़प्पा वासियों के वाणिज्यिक संबंध थे।
  • हड़प्पाई प्राचीन ‘लैपिस लाजुली’ मार्ग से व्यापार करते थे जो संभवतः उच्च लोगों की सामाजिक पृष्ठभूमि से संबधित था।
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