प्राचीन भारत (History) - UPSC Previous Year Questions Notes | EduRev

अध्यायवार प्रश्न पत्र UPSC Topic Wise Previous Year Question

UPSC : प्राचीन भारत (History) - UPSC Previous Year Questions Notes | EduRev

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प्रश्न.1. किसके राज्य में ‘कल्याण मंडप’ की रचना मंदिर-निर्माण का एक विशिष्ट अभिलक्षण था?    (2019)
(क) चालुक्य
(ख) चंदेल
(ग) राष्ट्रकूट
(घ) विजयनगर
उत्तर.
(घ)
उपाय: विजयनगर साम्राज्य कला की हर विधा का पोषक रहा है| संगीत, साहित्य व स्थापत्य सभी क्षेत्रों में इस शासन के दौरान उल्लेखनीय विकास हुआ। द्रविड़ कला के अंतर्गत गणना किये जाने के बावजूद यह कहा जा सकता है कि विजयनगर ने मंदिर वास्तुकला में कई नए तत्त्व जोड़े| विजयनगर दौर में एक नवीन मंडप चलन में आया, जिसे ‘कल्याण मंडप’ कहा गया। यह गर्भ गृह के बगल में एक खुला प्रांगण होता था जिसमें देवी देवताओं से सम्बंधित समारोह एवं विवाहोत्सव आदि आयोजित किए जाते थे।

प्रश्न.2. गुप्त काल के दौरान भारत में बलात् श्रम (विष्टि) के संदर्भ में, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?    (2019)
(क) इसे राज्य के लिए आय का एक स्रोत, जनता द्वारा दिया जाने वाला एक प्रकार का कर, माना जाता था।
(ख) यह गुप्त साम्राज्य के मध्यप्रदेश तथा काठियावाड़ क्षेत्रों में पूर्णतः अविद्यमान था।
(ग) बलात श्रमिक साप्ताहिक मजदूरी का हकदार होता था।
(घ) मजदूर के ज्येष्ठ पुत्र को बलात् श्रमिक के रूप में भेज दिया जाता था।
उत्तर.
(क)
उपाय: समकालीन लेखों में ‘विष्टि’ बेगार का भी उल्लेख मिलता है। संभवतः इस काल में यह भी एक प्रकार का कर था। इसे राज्य के लिए आय का एक स्रोत माना जाता था। वात्सायन के कामसूत्र से पता चलता है कि गाँवों, में किसान स्त्रियों को मुखिया के घर के विविध् प्रकार के काम, जैसे अनाज रखना, घर की सफाई, खेतों पर काम करना आदि करने के लिए बाध्य किया जाता था और इसके बदले में उन्हें कोई मजूदरी नहीं मिलती थी। कुछ विद्वान इस विवरण के आधर पर गुप्तकाल में विष्टि के व्यापक रूप से प्रचलित होने का निष्कर्ष निकालते है|

प्रश्न.3. निम्नलिखित पर विचार कीजिएः
(1) बुद्व में देवत्वारोपण
(2) बोधिसत्व के पथ पर चलना
(3) मूर्ति उपासना तथा अनुष्ठान
उपर्युक्त में से कौन-सी विशेषता/विशेषताएँ महायान बौद्व मत की है/है?    (2019)
(क) केवल 1
(ख) केवल 1 और 2
(ग) केवल 2 और 3
(घ) 1, 2 और 3
उत्तर. 
(घ)
उपाय: भगवान बुद्ध के निर्वाण के 100 वर्षों बाद बौद्धों में मतभेद उभरकर सामने आने लगे थे। वैशाली में संपन्न द्वितीय बौद्ध संगीति में थेर भिक्षुओं ने मतभेद करने वाले भिक्षुओं को संघ से बाहर निकाल दिया। अलग हुए इन भिक्षुओं ने उसी समय अपना अलग से संघ बना लिया तथा स्वंय को महासांघिक नाम दिया। तथा जिन्होंने निकाला था उन्हें हीनसांघिक नाम दिया गया। जो आगे चलकर महायान तथा हीनयान शाखाएं कहलाई।
महायान शाखा के लोग नवीनतावादी विचारधारा के थे। महायान शाखा का अर्थ है- बोधिसत्व (गुणों का स्थानांतरण) अर्थात हम कह सकते है कि बुद्व की कृपा से मोक्ष प्राप्त किया। उसके बाद दूसरे लोगों को भी मोक्ष प्राप्त करने में सहायता देना ही बोधिसत्व है। इसके अनुयायी कहते हैं कि अधिकतर मनुष्यों के लिए निर्वाण का मार्ग अकेले ढूंढ़ना मुश्किल या असंभव है तथा उन्हें इस कार्य में सहायता मिलनी चाहिए। इन लोगों का मानना है कि जब तक ईश्वर की कृपा नहीं होगी तब तक निर्वाण प्राप्त नहीं होगा। भारत में वैदिक काल के पतन और अनीश्वरवादी धर्म के उत्थान के बाद मूर्तिपूजा का प्रचलन शुरू हुआ। बुद्ध के परिनिर्वाण के बाद मूर्तिपूजा का प्रचलन बढ़ा और हजारों की संख्या में संपूर्ण देश में बौद्ध विहार बनने लगे, जिसमें बुद्ध की मूर्तियाँ रखकर उनकी पूजा होने लगी।

प्रश्न.4. निम्नलिखित में से किस उभारदार मूर्तिशिल्प (रिलीफ स्कल्प्चर) शिलालेख में अशोक के प्रस्तर रूपचित्र के साथ ‘राण्यो अशोक’ (राजा अशोक) उल्लिखित है?    (2019)
(क) कंगनहल्ली
(ख) साँची
(ग) शाहबाजगढ़ी
(घ) सोहगौरा
उत्तर. 
(क)
उपाय: कनगनाहल्ली कर्नाटक के सन्नती से लगभग 3 किमी दूर है। एक महत्त्वपूर्ण बौद्ध स्थल है जहाँ एक प्राचीन महास्तूप बौद्ध स्थल मिला है। यहाँ के खंडहर हो चुके बौद्ध स्तूप से अशोक का पहला उत्कीर्ण चित्र (महिला परिचारिकाओ और रानियों से घिरा हुआ), प्रपट किया गया था। उत्खनन में पाए गए यहाँ कि सबसे महत्त्वपूर्ण खोज में राजा अशोक नाम का एक पत्थर की नक्काशीदार स्लैब शामिल है।

प्रश्न.5. निम्नलिखित में से कौन-सा एक हड़प्पा स्थल नहीं है?    (2019)
(क) चन्हुदड़ो
(ख) कोट दीजी
(ग) सोहगौरा
(घ) देसलपुर
उत्तर.
(ग)
उपाय: सहगौरा उत्तर प्रदेश के वर्तमान गोरखपुर जिले में स्थित है। यहाँ पाए गए अभिलेख चंद्रगुप्त मौर्य के शासन काल के हैं। साहगौरा अभिलेख में सूखे से पीड़ित प्रजा को राहत देने की बात कही गई है।

प्रश्न.6. निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए:

 परम्परा  राज्य 
 (1) चपचार कुट त्योहार  मिजोरम
 (2) खोंगजाॅम परबा गाथागीत मणिपुर
 (3) थांग-टा नृत्य सिक्किम

उपर्युक्त युग्माें में से कौन-सा/से सही सुमेलित है/हैं?    (2018)
(क) केवल 1
(ख) 1 और 2
(ग) केवल 3
(घ) 2 और 3
उत्तर. 
(ख)
उपाय: थांग-टा नृत्य भारत के पूर्वोत्तर राज्य मणिपुर की पांरपरिक मार्शल आर्ट है। ‘थांग’ का मतलब है तलवार तथा ‘टा’ का मतलब भाला होता है। यह मूल रुप से हमले और रक्षा का एक नकली लड़ाई है।

प्रश्न.7. निम्नलिखित युग्मो पर विचार कीजिए:

 शिल्प किस राज्य की परंपरा 
 (1) पुथुक्कुलि शाॅल तमिलनाडु
 (2) सुजनी कढ़ाई महाराष्ट्र
 (3) उप्पाडा जामदानी साड़ी कर्नाटक

उपर्युक्त युग्माें में से कौन-सा/से सही सुमेलित है/हैं?      (2018)
(क) केवल 1
(ख) 1 और 2
(ग) केवल 3
(घ) 2 और 3

उत्तर(क)
उपाय: 

 शिल्प किस राज्य की परंपरा 
 (1) पुथुक्कुलि शाॅल तमिलनाडु
 (2) सुजनी कढ़ाई बिहार
 (3) उप्पाडा जामदानी साड़ी आन्ध् प्रदेश


प्रश्न.8. भारतीय इतिहास के सन्दर्भ में, निम्नलिखित में से कौन भावी बुद्ध है, जो संसार की रक्षा हेतु अवतरित होंगे?    (2018)
(क) अवलोकितेश्वर
(ख) लोकेश्वर
(ग) मैत्रेय
(घ) पद्मपाणि
उत्तर.
(ग)
उपाय: बौद्ध दर्शन में उल्लेखित परलोक सिद्धांत के अनुसार, मैत्रेय शब्द का शाब्दिक अर्थ भावी बुद्व है। मैत्रेय बुद्ध 5वें बुद्ध के रूप में होंगे, जिनका आविर्भाव इस यगु में होगा। इस प्रकार, मैत्रेय बुद्ध को भविष्य बुद्ध के रूप में माना जाता है जो अभी तक इस युग में प्रकट नहीं हुआ है। विभिन्न बौद्ध सूत्रों जैसे अमिताभ सूत्र, साथ ही कमल सूत्र के अनुसार मैत्रेय बुद्ध को अजीता कहा जाता है। इस प्रकार मैत्रेय भावी बुद्ध हैं, जो संसार की रक्षा हेतु अवतरित होंगे।

प्रश्न.9. भारत की धार्मिक प्रथाओं के संदर्भ में ‘स्थानकवासी’’ संप्रदाय का संबंध किससे है?    (2018)
(क) बौद्ध मत
(ख) जैन मत
(ग) वैष्णव मत
(घ) शैव मत
उत्तर.
(ख)
उपाय: ‘स्थानकवासी’, श्वेताम्बर जैन सम्प्रदाय का एक उपसम्प्रदाय है। इसकी स्थापना 1653 के आसपास लवजी नामक एक व्यापारी ने की थी। इस सम्प्रदाय की मान्यता है कि भगवान निराकार है, अतः यह किसी मूर्ति की पूजा नहीं करते।

प्रश्न.10. निम्नलिखित में से कौन-सा एक काकतीय राज्य में अति महत्वपूर्ण समुद्र पत्तन था?    (2017)
(क) काकिनाडा
(ख) मोटुपल्ली
(ग) मछलीपटनम (मसुलीपटनम)
(घ) नेल्लुरु
उत्तर.
(ख)
उपाय: एतिहासिक ग्रंथो के अनुसार वर्तमान कृष्ण जिला में एक समुद्री पत्तन था जो मोटुपल्ली के नाम से जाना जाता था तथा जो गणपति राज्य का भाग था। यह काकतीय शासकों के लिए अति महत्त्वपूर्ण था। 1289-93 के मध्य भारत के दौरे पर रहने वाला मार्कोपोलो ने मटफिली के रूप एक राज्य का वर्णन किया था, जिसकी शासिक रूद्रमा देवी थी।

प्रश्न.11. ऋग्वेद-कालीन आर्यों और सिन्धु घाटी के लोगो की संस्कृति के बीच अतंर के संबंध में, निम्नलिखित कथनो में से कौन-सा/से सही है?
(1) ऋग्वेद-कालीन आर्य कवच और शिरस्त्राण (हेलमटे) का उपयोग करते थे जबकि सिन्धु घाटी सभ्यता के लोगों में इनके उपयोग का कोई साक्ष्य नहीं मिलता।
(2) ऋग्वेद-कालीन आर्यों को स्वर्ण, चांदी और ताम्र का ज्ञान था जबकि सिन्धु घाटी के लोगो को केवल ताम्र और लोह का ज्ञान था।
(3) ऋग्वेद-कालीन आर्याें ने घोड़े को पालतू बना लिया था जबकि इस बात का कोई साक्ष्य नहीं है कि सिन्धु घाटी के लोग इस पशु को जानते थे।
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिएः    (2017)
(क) केवल 1
(ख) केवल 2 और 3
(ग) केवल 1 और 3
(घ) 1, 2 और 3
उत्तर.
(ग)
उपाय: ऋग्वैदिक काल के लोग (आर्य) कवच और शिरस्त्राण का प्रयोग करते थे, वे युद्धप्रिय थे; किन्तु सिन्धु घाटी सभ्यता के लोग शांतिप्रिय थे तथा उनके द्वारा कवच और शिरस्त्राण के प्रयोग का कोई साक्ष्य प्राप्त नहीं है।
सिन्धु घाटी के लोगों को स्वर्ण, चांदी, ताम्र और कांस्य ज्ञान था, जिसके साक्ष्य प्राप्त होते है| किन्तु उन्हें लोहे का ज्ञान नहीं था। सिन्धु घाटी के लोग घोड़े से परिचित थे क्योंकि सिन्धु स्थल लोथल से घोड़े  की लघु मृण्मूर्ति तथा सुरकोटदा से घोड़े की अस्थियाँ प्राप्त हुई है। अतः कथन 1 और 3 सही है।

प्रश्न.12. निम्नलिखित में से कौन-सा/सूर्य मंदिरो के लिए विख्यात है/हैं?
(1) अरसवल्ली
(2) अमरकंटक
(3) ओंकारेश्वर
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिएः    (2017)

(क) केवल 1
(ख) केवल 2 और 3
(ग) केवल 1 और 3
(घ) 1, 2 और 3
उत्तर. 
(क)
उपाय: आन्ध्रप्रदेश राज्य सरकार वेबसाइट के अनुसार श्रीकाकुलम जिले में स्थित अरसवल्ली में सूर्य मंदिर स्थित है अतः (1) सही है।
• मैसूर स्थित श्री ओमकारेश्वर मंदिर भगवान शिव के लिए प्रसिद्ध है।
• अमरकंटक (म.प्र.) में सूर्य मंदिर नहीं हैं।

प्रश्न.13. भारत के धार्मिक इतिहास के सन्दर्भ मे, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिएः
(1) सौत्रान्तिक और सम्मितीय जैन मत के सम्प्रदाय थे।
(2) सर्वास्तिवादियो की मान्यता थी कि दृग्विषय (फिनोमिना) के अवयव पूर्णतः क्षणिक नहीं है, अपितु अव्यक्त रूप में सदैव विद्यमान रहते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/है?    (2017)
(क) केवल 1
(ख) केवल 2
(ग) 1 और 2 दोनों
(घ) न तो 1, न ही 2
उत्तर. 
(ख)
उपाय: सौत्रान्तिक और सम्मितीय बौद्ध धर्म के सम्प्रदाय हैं। सर्वास्तिवादियो का मानना है कि दृश्य जगत् के धर्म पूर्णतः क्षणिक है| प्रत्युत सदा अन्तर्निहित रूप में विद्यमान रहते है|

प्रश्न.14. बोधिसत्व पद्मपाणि का चित्र सर्वाधिक प्रसिद्ध और प्राय: चित्रित चित्रकारी हैं। जो    (2017)
(क) अजंता में है
(ख) बदामी में है
(ग) बाघ में है
(घ) एलोरा में है
उत्तर.
(क)
उपाय: वाचस्पति गैरोला ने विषय की दृष्टि से अजंता की चित्रकला को तीन प्रमुख भागों में बाँटा है, जिसकी दूसरी श्रेणी में लोकपाल, बुद्ध, बोधिसत्व, राजा-रानियों की आकृतियों आदि को रखा गया है। अजंता की गुफा संख्या 1 में बोधिसत्व पद्मपाणि, वज्रपाणि आदि के चित्र उल्लेखनीय है।
बाघ के चित्र दैनिक जीवन की घटनाओं पर आधारित है। एलोरा में बोधिसत्व के चित्र नहीं प्राप्त होते। बादामी के गुहा मंदिरों में से तीन ब्राह्मण और एक जैन धर्म से संबधित  है।

प्रश्न.15. भारत के इतिहास के संदर्भ में निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए।

 शब्द  विवरण
 एरिपति भूमि, जिससे मिलने वाला राजस्व अलग से ग्राम जलाशय के रख-रखाव के लिए निर्धारित कर दिया जाता था।
 तनियूर एक अकेले ब्राह्मण अथवा एक ब्राह्मण समूह को दान में दिए गए ग्राम
 घाटिका  प्रायः मंदिरों के साथ संबंद्ध विद्यालय?

उपर्युक्त में से कौन-सा/से युग्म सही सुमेलित है/हैं?    (2016)
(क) केवल 1 और 2
(ख) केवल 3
(ग) केवल  2 और 3
(घ) 1, 2 और 3
उत्तर. 
(घ)
उपाय: भूमि का एक विशेष प्रकार इरीपट्टी भूमि का उल्लेख है। इस भूमि से प्राप्त कर का उपयोग गांव के तालाब के रख-रखाव के लिए किया जाता था। तनियूर चोल काल की एक राजस्व इकाई थी, जिसके अंतर्गत ब्रह्यदेय और मंदिर बस्तियां विकसित हुई। घटिका पल्लव कालीन मंदिरों से जुडी उच्च शिक्षण संस्थाएं थीं।

प्रश्न.16. प्राचीन भारत की निम्नलिखित पुस्तकों में से किस एक में शुंग राजवश्ं के संस्थापक के पुत्र की प्रेम कहानी है?    (2016)
(क) स्वप्नवासवदत्ता
(ख) मालविकाग्रिमित्र
(ग) मेघदूत
(घ) रत्नावली
उत्तर. 
(ख)
उपाय: मालविकाग्नि मित्र कालिदास द्वारा लिखा गया संस्कृत नाटक है। यह नाटक शुंग सम्राट अग्निमित्र की प्रेम कहानी कहता है। वह निर्वासित नौकरानी मालविका की तस्वीर से ही प्यार में पड़ जाता है।

प्रश्न.17. भारत के कला और पुरातात्विक इतिहास के सन्दर्भ में निम्नलिखित में से किस एक का सबसे पहले निर्माण किया गया था?    (2015)
(क) भुवनेश्वर स्थित लिंगराज मंदिर
(ख) धौली स्थित शैलकृत हाथी
(ग) महाबलिपुरम स्थित शैलकृत स्मारक
(घ) उदयगिरि स्थित वराह मूर्ति
उत्तर. (ख)
उपाय: भुवनेश्वर स्थित लिंगराज मंदिर का निर्माण 11 वीं शताब्दी (1025-1040 ई.) ययाति प्रथम के द्वारा करवाया गया था। धौली (ओडिशा) स्थित शैलकृत हाथी का निर्माण मौर्य शासक अशोक के काल में 250 ई.पू. के आसपास हुआ था। महाबलिपुरम स्थित शैलकृत स्मारकों का निर्माण 7वी-8वीं शताब्दी में पल्लव शासनकाल में हुआ था। उदयगिरि (विदिशा, मध्य प्रदेश) स्थित बारह प्रतिमा का निर्माण गुप्तकाल में चंद्रगुप्त द्वितीय द्वारा करवाया गया था।

प्रश्न.18. निम्नलिखित राज्यों  में से किनका सम्बन्ध बुद्व के जीवन से था?
(1) अवन्ति
(2) गान्धर
(3) कोसल
(4) मगध
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुिनए।    (2014)
(क) 1, 2 और 3
(ख) 2 और 4
(ग) केवल 3 और  4
(घ) 1, 3 और 4
उत्तर.
(ग)
उपाय: बुद्व का जन्म कोसल राज्य के लुम्बिनी में हुआ। बुद्व का परिनिर्वाण कुशीनारा (मगध राज्य) में हुआ। अवन्ति में बुद्व का पदार्पण कभी नहीं हुआ। गांधार पाकिस्तान व अफगानिस्तान के पश्चिमी भाग में है, जहां बुद्व कभी नहीं गए।

प्रश्न.19. भारत के सम्प्रतीक के नीचे उत्कीर्ण भारत की राष्ट्रीय आदर्शोक्ति ‘सत्यमेव जयते' कहाँ से ली गयी है?    (2014)
(क) कठ उपनिषद्
(ख) छांदोग्य उपनिषद्
(ग) ऐतरेय उपनिषद्
(घ) मुंडक उपनिषद
उत्तर.
(घ)
उपाय: ‘सत्यमेव जयते’ शब्द मुंडकोपनिषद् से लिया गया है, जिसका अर्थ होता है-सत्य की ही जीत।

प्रश्न.20. निम्नलिखित युग्मों में से कौन-सा एक भारतीय षड्दर्शन का भाग नहीं है?    (2014)
(क) मीमांसा और वेदान्त
(ख) न्याय और वैशेषिक
(ग) लोकायत और कापालिक
(घ) सांख्य और योग
उत्तर. 
(ग)
उपाय: लोकायत तथा कपालिक, भारतीय दर्शन के षट्पद्धति का निर्माण नहीं करते हैं
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भारतीय संविधान की दूसरी अनुसूची में परिलब्धियों पर भत्ते, विशेषाधिकार और इससे सम्बंधित प्रावधान पांचवी अनुसूची में अनुसूचित और जनजातीय क्षेत्रों के प्रशासन तथा नियंत्रण के बारे में उपबंध तथा 8 वीं अनुसूची में संविधान द्वारा मान्यता प्राप्त भाषाओं का उल्लेख किया गया है।

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