षट् पाठकगुणेषु एकः –a)शीघ्रताb)धैर्यम्c)गीतिगानम्d)अल्पकण्ठःCorrect an...
उत्तमपाठकस्य एकः प्रमुखः गुणः धैर्यम्। धैर्येण पाठकः आत्मविश्वासेन पठति, श्रोत्रेभ्यः स्पष्टतां ददाति। शीघ्रता तु दोषः भवति।
षट् पाठकगुणेषु एकः –a)शीघ्रताb)धैर्यम्c)गीतिगानम्d)अल्पकण्ठःCorrect an...
षट् पाठकगुण
षट् पाठकगुण से तात्पर्य उन विशेषताओं से है जो एक अच्छे पाठक में होनी चाहिए। इनमें से एक गुण धैर्य (b) है।
धैर्य का महत्व
- पाठक को धैर्यवान होना आवश्यक है ताकि वह गहनता से पढ़ाई कर सके।
- कठिन और जटिल विषयों को समझने के लिए धैर्य बहुत महत्वपूर्ण होता है।
- धैर्य के साथ पढ़ने से विचारों को सही से ग्रहण करने और उन्हें आत्मसात करने में मदद मिलती है।
अन्य विकल्पों का विश्लेषण
- शीघ्रता (a):गीतिगानम् (c):अल्पकण्ठः (d):निष्कर्ष
धैर्य एक ऐसा गुण है जो पाठक को गहराई से समझने और सोचने की क्षमता प्रदान करता है। इसलिए, सही उत्तर 'b' धैर्य है। यह गुण पाठक को ज्ञान की गहराई में जाने और उसे आत्मसात करने में सहायक होता है।